निर्वाचन आयोग ने असम के नागाॉन लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव आयोजित करने की घोषणा की, जिससे इस क्षेत्र में राजनीतिक माहौल फिर से गरम हो गया है। यह सीट पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरडोलॉय ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद और डिसपुर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद खाली कर दी थी। अब नई चुनावी प्रक्रिया के तहत मतदाता 6 अक्टूबर को मतदान करेंगे और परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा।
नागाॉन जिले में हाल ही में भूमि अतिक्रमण और आरक्षित वन क्षेत्रों से संबंधित कई विवाद उत्पन्न हुए हैं। 21 जून को नागाॉन प्रशासन ने दो स्थानों पर अतिक्रमित चरागाह भूमि को खाली करने के लिए कार्रवाई शुरू करने की सूचना दी थी। इसके बाद 28 जून को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने तीन आरक्षित वन क्षेत्रों से बस्तियों को हटाने के फैसले को बरकरार रखा, जिससे स्थानीय जनसंख्या में असंतोष बढ़ा। इन घटनाओं ने चुनावी रणनीतियों को प्रभावित किया है और विभिन्न दलों को अपने-अपने समर्थन आधार को पुनः स्थापित करने की चुनौती दी है।
इन पृष्ठभूमि घटनाओं को देखते हुए, राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को मजबूत करने के लिए विभिन्न उपाय अपनाए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने बोरडोलॉय के समर्थन को जारी रखने की बात कही, जबकि कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए नई रणनीति तैयार की है। इस उपचुनाव का परिणाम असम की राजनैतिक दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर भी कई प्रमुख परियोजनाओं का केंद्र है।

