नोवाक जोकोविच ने यूएस ओपन के प्रथम दौर में अर्जेंटीना के उभरते सितारे मारियानो नावोने को हराकर चार घंटे छत्तीस मिनट तक चलने वाली पाँच सेट की जंग में हार मान ली। 39 वर्षीया जोकोविच को उस समय हल्की बुखार और शरीर में थकान की शिकायत थी, जिससे उनका खेल प्रभावित हुआ। इस हार के बाद वह दो दशकों में पहली बार ग्रैंड स्लैम के शुरुआती चरण में बाहर हो गया, जो उनके प्रशंसकों के लिए आश्चर्यजनक था।

विंबलडन 2026 में जोकोविच ने फिर से अपनी अडिग इच्छा शक्ति का परिचय दिया था, जहाँ भारतीय टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज ने उनकी सफलता की भूख को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया था। उसी टूर्नामेंट में भीड़ में एक प्रस्ताव देख कर जोकोविच ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी, जिससे उनका मानवीय पक्ष उजागर हुआ। इन घटनाओं के बाद यूएस ओपन में उनका असामान्य प्रदर्शन उनके शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक दबाव के बीच संतुलन बिगड़ने का संकेत माना जा रहा है।

जोकोविच की इस शुरुआती हार ने टेनिस जगत में कई प्रश्न उठाए हैं। क्या यह उनके भविष्य के ग्रैंड स्लैम अभियानों को प्रभावित करेगा, या यह केवल एक अस्थायी झटका है? भारतीय टेनिस प्रेमियों ने भी इस पर गौर किया, क्योंकि पिछले वर्ष भारत ने यू-19 महिला टीम से श्रीलंका को बड़े अंतर से हराया था, जिससे देश में टेनिस की लोकप्रियता बढ़ी है। अब जोकोविच को अपनी फिटनेस और रणनीति को पुनः व्यवस्थित करना होगा, ताकि वह फिर से शीर्ष पर लौट सकें।