प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोएव के आमंत्रण पर ताश्कंद की दो दिवसीय यात्रा का कार्यक्रम तैयार किया है। इस दौरे में दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेन‑देन को बढ़ावा देने, निवेश के अवसरों को सुदृढ़ करने और रक्षा सहयोग को विस्तारित करने पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए कई परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा जाएगा।
राजनीतिक और आर्थिक संवाद के साथ-साथ प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में भी सहयोग को गहरा करने की योजना है। दोनों पक्षों ने डिजिटल शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने का संकल्प लिया है। यह पहल दोनों देशों के युवा वर्ग को नई संभावनाएँ प्रदान करेगी।
हाल ही में विश्व कप 2026 में कांगो डीआर की उज्बेकिस्तान के खिलाफ 3‑1 की जीत ने दोनों देशों के बीच खेल संबंधी संवाद को भी उजागर किया है। इस जीत को देखते हुए दोनों सरकारें खेल और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें शुरू करने की संभावना रखती हैं। इस प्रकार, ताश्कंद में होने वाली द्विपक्षीय वार्ता न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक और खेल क्षेत्रों में भी सहयोग को सुदृढ़ करने का मंच बनेगी।

