आंध्र प्रदेश के कोनासेमा जिले के सात मछुआरे 3 अगस्त को समुद्र में मछली पकड़ने के लिये निकले थे, परन्तु उनका जहाज़ अचानक गायब हो गया। परिवारों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और विभिन्न एजेंसियों ने खोज कार्य शुरू किया। कई दिनों तक कोई सूचना न मिलने के कारण चिंता बढ़ी, परन्तु पश्चिम बंगाल के शंकरपुर मछली पकड़ने वाले बंदरगाह के पास उनका जहाज़ मिल गया।
पश्चिम बंगाल के समुद्री सुरक्षा दल ने जहाज़ को सुरक्षित पाया और सभी सात मछुआरों को जीवित अवस्था में बचा लिया। राज्य सरकार ने तुरंत उनके परिवारों को सूचित कर वापसी की व्यवस्था शुरू की। इस सफलता को पिछले कुछ महीनों में हुए लापता व्यक्तियों की खोज अभियानों से तुलना की गई, जैसे त्रिपुरा के ग्रामीण क्षेत्र में तीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी जांच और दिल्ली के ऑपरेशन मिलाप में 193 लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाना।
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि लापता व्यक्तियों की खोज में अंतर-राज्य सहयोग और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है। साथ ही, समुद्री सुरक्षा के उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश पड़ा है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना कम हो सके। सरकार ने कहा है कि इस प्रकार के मामलों में सतर्कता बढ़ाई जाएगी और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता प्रदान की जाएगी।

