पवन कल्याण ने हाल ही में राज्य में बढ़ते मानव‑वन्यजीव टकराव को लेकर कई बार सार्वजनिक मंच पर चिंता व्यक्त की है। पिछले जून में उनके राजनीतिक प्रभाव और आंध्र प्रदेश‑तेलंगाना के बीच चल रहे विवादों पर चर्चा हुई थी, तथा जुलाई में उन्होंने खेल प्रशासन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। इन पृष्ठभूमियों को देखते हुए, तिरुपति के चंद्रागिरी में जंगली हाथियों के गाँवों पर आक्रमण को रोकने हेतु उन्होंने वन विभाग को ड्रोन उपयोग का निर्देश दिया।
निर्देश में कहा गया कि ड्रोन के माध्यम से हाथियों की गति को रीयल‑टाइम में ट्रैक किया जाए और पुलिस व राजस्व विभाग के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही, रात्री गश्त को सुदृढ़ करने और स्थानीय निवासियों को सतर्क करने के लिए विशेष उपाय अपनाए जाएँ। यह समन्वित प्रयास मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों को संतुलित करने का लक्ष्य रखता है।
यह कदम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा सरकारी सेवाओं को नागरिक‑मित्र बनाने के निर्देशों के साथ भी मेल खाता है। उन्होंने पहले ही सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली को सुदृढ़ करने का आदेश दिया था, जिससे इस प्रकार की आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सके। ड्रोन तकनीक के उपयोग से न केवल हाथियों के आवागमन की सटीक जानकारी मिलेगी, बल्कि भविष्य में समान संघर्षों को रोकने के लिए नीतिगत दिशा भी स्पष्ट होगी।

