रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया में दो दिन की आधिकारिक यात्रा शुरू की, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के कई पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने आर्मेनियाई रक्षा मंत्री तथा प्रमुख सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर मौजूदा सैन्य समझौतों की प्रगति का मूल्यांकन किया और भविष्य में संयुक्त प्रशिक्षण एवं अभ्यास कार्यक्रमों की योजना बनाई। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच परिचालन समन्वय को बढ़ाने के लिए नई तकनीकी सहयोग की भी बात हुई।
पिछले कुछ महीनों में भारत और आर्मेनिया ने कई महत्वपूर्ण सैन्य सहयोगी कदम उठाए हैं, जैसे कि संयुक्त वायु अभ्यास और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति। इन कदमों ने दोनों देशों के बीच विश्वास को बढ़ाया है और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले गया है। इस संदर्भ में, रक्षा सचिव ने कहा कि भविष्य में संयुक्त हथियार विकास और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग को विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच सामरिक संवाद को नियमित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस यात्रा के दौरान, राजेश कुमार सिंह ने भारत के अन्य विदेशियों के साथ भी संपर्क स्थापित किया, जिनमें से एक दिव्यांग भक्त ने पुरी में स्नान पावन पूर्णिमा देखी थी, जो सामाजिक समावेशीता के महत्व को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने हाल ही में भारतीय प्रतिभूति नियामक बोर्ड द्वारा राजेश एक्सपोर्ट्स के अध्यक्ष पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी उल्लेख किया, जिससे आर्थिक और वित्तीय पारदर्शिता के महत्व पर प्रकाश पड़ा। इस प्रकार, रक्षा सचिव का आर्मेनिया दौरा न केवल रक्षा सहयोग बल्कि व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

