तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि पूर्व डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार के तहत तीन विभागों में हुई कथित अनियमितताओं की फाइलें अब उनके पास हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इन फाइलों की सामग्री का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है और उचित समय पर साक्ष्य सहित जनता को सूचित किया जाएगा। यह घोषणा ओडिशा में सीएम कार्यालय की फाइलों के गायब होने से उत्पन्न राजनीतिक उथल-पुथल और कालींगा स्टूडियो के पुनर्विकास में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शिता की मांग बढ़ी है।
विजय ने यह भी कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य न्यायसंगत प्रक्रिया को सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार को रोकना है। उन्होंने कहा कि फाइलों में मौजूद दस्तावेज़ों को स्वतंत्र जांच एजेंसियों को सौंपा जाएगा, जिससे निष्पक्षता बनी रहेगी। इस कदम से राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ करने की उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है, जबकि विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाते हुए अधिक जानकारी की मांग की है।
पिछले कुछ हफ्तों में ओडिशा में सीएम कार्यालय की फाइलों के लुप्त होने से राजनीतिक तूफान खड़ा हुआ, कांग्रेस ने स्पष्टता की मांग की और भाजपा ने जांच का आग्रह किया। इसी प्रकार, कालींगा स्टूडियो परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने सार्वजनिक भरोसे को चुनौती दी। इन घटनाओं के प्रकाश में, तमिलनाडु में भी फाइलों की उपलब्धता और उनका सार्वजनिक प्रकाशन प्रशासनिक पारदर्शिता की नई दिशा स्थापित कर सकता है, जिससे नागरिकों का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।

