भारत के प्रमुख धातु व्यापार मंच एमसीएक्स पर गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिश्रित चाल देखी गई। अमेरिकी महंगाई डेटा और फेडरल रिज़र्व के मौद्रिक नीति निर्णय की प्रतीक्षा में निवेशकों ने सतर्कता बरती। सोने की कीमत शुरुआती गिरावट के बाद धीरे‑धीरे बढ़ी, जबकि चांदी में हल्की गिरावट रही, जिससे दोनों धातुओं के बीच अंतर स्पष्ट हुआ।

पिछले हफ्ते की घटनाओं ने इस माहौल को और जटिल बना दिया था। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ईरान संकट ने सोने‑चांदी दोनों पर दबाव डाला था, जैसा कि २९ जून की रिपोर्ट में बताया गया था। इसके अतिरिक्त, २ जुलाई को लाभ बुकिंग के कारण सोने की कीमत में गिरावट और चांदी की निरंतर बढ़त को भी नोट किया गया था। इन सभी कारकों ने बाजार में अनिश्चितता को बढ़ा दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़े और फेडरल रिज़र्व का निर्णय धातु बाजार की दिशा को निर्णायक रूप से प्रभावित करेंगे। यदि महंगाई में कमी दिखती है तो सोने की कीमत में पुनः उछाल की संभावना है, जबकि चांदी को लाभ‑बुकी की स्थिति में देखना पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को अल्पकालिक उतार‑चढ़ाव के बावजूद दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी गई है।