सोमवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सेन्सेक्स और निफ्टी दोनों ही हल्की गिरावट के साथ खुले। निवेशकों ने प्राथमिक सार्वजनिक प्रस्तावों की तेज़ गति से निकासी की संभावना को लेकर सतर्कता बरती, जिससे बाजार में तरलता की कमी का डर बना रहा। इस बीच, मध्य‑पूर्व में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेला, जिससे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में भी दबाव बढ़ा।

पिछले हफ्ते के सत्रों में एशियाई बाजारों की कमजोरी और विदेशी निधियों के निकास ने निवेशकों को सतर्क बना दिया था। 23 जून को सेन्सेक्स और निफ्टी ने स्थिरता दिखाई थी, परन्तु 29 जून को सेन्सेक्स में गिरावट और निफ्टी में हल्की उछाल देखी गई थी। 30 जून को सेन्सेक्स ने 200 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की थी, परन्तु आज की स्थिति फिर से उलट गई है।

आज के सत्र में मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों ने शुरुआती नुकसान झेले, जबकि कुछ दवाइयों और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों ने छोटे‑छोटे लाभ दिखाए। निवेशकों को अब बाजार की अस्थिरता और तेल की कीमतों में संभावित उछाल को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। भविष्य में यदि मध्य‑पूर्व में तनाव कम होता है तो बाजार में पुनः स्थिरता लौट सकती है, परन्तु वर्तमान में जोखिम कारक प्रमुख बने हुए हैं।