संयुक्त राज्य विदेश विभाग ने हाल ही में एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि भारतीय नागरिकों के लिए प्रथम श्रेणी के रोजगार‑आधारित ग्रीन कार्ड की उपलब्धता जल्द ही समाप्त हो सकती है। इस चेतावनी का मुख्य कारण अत्यधिक आवेदन की संख्या है, जिससे प्रक्रिया में देरी और प्रतीक्षा सूची में वृद्धि हुई है। विभाग ने कहा कि यदि इस प्रवाह को नियंत्रित नहीं किया गया तो अगले कुछ हफ्तों में इन कार्डों का कोई आवंटन नहीं बच पाएगा।

पहले से ही ईबी‑२ और ईबी‑३ श्रेणियों में लंबी प्रतीक्षा सूची मौजूद है, जहाँ कई आवेदकों को कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। अब प्रथम श्रेणी के कार्डों के बंद होने से इन श्रेणियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे भारतीय पेशेवरों के अमेरिकी रोजगार के अवसरों पर असर पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए कई भारतीय प्रवासी समुदाय ने अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है और नीति निर्माताओं से शीघ्र समाधान की मांग की है।

पिछले कुछ हफ्तों में इमिग्रेशन नीति में कई बदलाव देखे गए हैं, जैसे कि छात्र पहचान पत्र में जाति विवरण न रखने का निर्णय और विभिन्न खेल संघों में टीम संरचना पर चर्चा। इन सभी घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि अमेरिकी इमिग्रेशन प्रणाली में परिवर्तन की गति तेज़ हो रही है। अब समय आ गया है कि भारतीय आवेदक अपने विकल्पों का पुनर्मूल्यांकन करें और वैकल्पिक मार्गों की तलाश करें, जैसे कि अन्य श्रेणियों के माध्यम से आवेदन या विदेश में रोजगार के अवसरों की खोज।