हैदराबाद में पुलिस ने मंगलवार की सुबह बीआरएस के दो विधायी थथा मदु और बी.नवीन कुमार रेड्डी को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार किया। यह कदम विधानसभा में बीआरएस विधायकों के प्रति कथित अत्यधिक अधिकार प्रयोग के बाद उठाया गया, जहाँ कई बार विधायकों को दबाव में लाने की कोशिशों की खबरें सामने आई थीं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई और दोनों को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में ले लिया गया।

इस घटना के पीछे राजनीतिक पृष्ठभूमि भी स्पष्ट है। पिछले सप्ताह कांग्रेस सरकार पर जनता के वास्तविक मुद्दों को नज़रअंदाज़ कर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगा था, जैसा कि खम्माम में बीआरएस नेताओं ने कहा था। इसी समय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रमुख अजय राय को अयोध्या में घर में बंदी बना दिया गया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ा। इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि विभिन्न राज्यों में सत्ता संघर्ष तेज़ी से बढ़ रहा है।

गिरफ्तारी के बाद बीआरएस ने इस कदम को राजनीतिक उत्पीड़न का हिस्सा कहा और न्यायिक प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं दिखा। वहीं, ओडिशा में यूसीओ बैंक के पूर्व शाखा प्रमुख को 3.25 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक अपराधों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इन सभी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में कानून प्रवर्तन और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता दोनों ही तीव्र गति से चल रही हैं।