पूर्व मेदक जिले में उर्वरक की कमी ने इस साल की धान की प्रत्यारोपण अवधि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कई किसान इंटरनेट बुकिंग के दौरान तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिससे उन्हें आवश्यक यूरिया बैग समय पर प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय उर्वरक दुकानों में भी स्टॉक की कमी की सूचना मिल रही है, जिससे बाजार में कीमतें अस्थिर हो रही हैं और किसानों में तनाव बढ़ रहा है।
इस संकट के पृष्ठभूमि में पिछले कुछ हफ्तों की राजनीतिक घटनाएँ भी भूमिका निभा रही हैं। कांग्रेस विधायकों ने अडिलाबाद में पार्टी के प्रति असंतोष व्यक्त किया, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी। साथ ही, यूरिया की कीमत में गिरावट ने सुधारों के लिए नई संभावनाएँ खोल दीं, परन्तु वितरण प्रणाली में व्यवधान ने इन लाभों को किसानों तक पहुँचने से रोका है।
इसके अतिरिक्त, बीआरएस और युवा कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी ने नालगोंडा में तनाव को बढ़ा दिया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में देरी और नियंत्रण में कमी आई। इन सभी कारकों के मिलेजुले प्रभाव ने उर्वरक की उपलब्धता को और अधिक कठिन बना दिया है, जिससे किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाने पड़े हैं।

