भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन ने गुरुवार को कांग्रेस के वन्दे मातरम् के केवल दो पद्य गाने के निर्णय को राष्ट्रीय गीत का अपमान कहा और इसे वोट‑बैंक राजनीति का परिणाम बताया। उन्होंने कांग्रेस को नई मुस्लिम लीग के समान बताया, जिससे पार्टी के भीतर तीखी बहस छिड़ गई। इस टिप्पणी के पीछे नबिन की हालिया उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा, जन‑ज़ी की राष्ट्र‑निर्माण की प्रवृत्ति और तेलंगाना में २०२८ के चुनावों में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी का पृष्ठभूमि है।

नितिन नबिन ने पिछले सप्ताह लखनऊ की दो‑दिन की यात्रा में पार्टी की चुनावी रणनीति को परखा और कहा कि युवा वर्ग नवाचार और उद्यमिता पर केंद्रित है, न कि स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने पर। उन्होंने कहा कि जन‑ज़ी का रुख राष्ट्र‑निर्माण की ओर है, जो कांग्रेस के इस कदम को असंवेदनशील बनाता है। इस संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस के निर्णय को वोट‑बैंक राजनीति का एक हिस्सा बताया, जिससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान पर प्रश्न उठता है।

तेलंगाना में २०२८ के विधानसभा चुनावों को लेकर नबिन ने भाजपा को जीत की संभावनाएँ बताई थीं, जिसे उन्होंने 'सेमी‑फ़ाइनल' कहा था। अब वन्दे मातरम् विवाद के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय भावना को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया, यह संकेत देते हुए कि सांस्कृतिक मुद्दे चुनावी जीत में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इस प्रकार नबिन का बयान पार्टी के भीतर एकजुटता और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को पुनः स्थापित करने का संदेश देता है।