नई दिल्ली। देश के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। हालांकि इस वर्ष मानसून का आगमन सामान्य तिथि की तुलना में लगभग तीन दिन देरी से हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में यह देश के अन्य हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, केरल में मानसून के पहुंचने के साथ ही कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए मानसून का आगमन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती के लिए बारिश पर निर्भर है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी असामान्य नहीं है। हालांकि, इसकी प्रगति और बारिश के वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ता है, तो जून के मध्य तक यह देश के कई अन्य हिस्सों को भी कवर कर सकता है।

मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, कई राज्यों में आंधी और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का भी अनुमान है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की अच्छी प्रगति खाद्यान्न उत्पादन, जलाशयों के जलस्तर और देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है। फिलहाल किसानों और आम लोगों की नजर मानसून की आगे की चाल पर बनी हुई है।