कश्यप सन्देश

21 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

मांझी आदिवासी समाज द्वारा पारंपरिक “आसमानी माता मेला महोत्सव” का भव्य आयोजन

ग्वालियर, तिघरा रोड।
प्राचीन आसमानी माता मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर के सामने मांझी आदिवासी समाज द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी “आसमानी माता मेला महोत्सव” का आयोजन अत्यंत श्रद्धा व उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर समाज की आस्था के प्रतीक चार पालकी यात्रा निकाली गई और अषाढ़ मास की पारंपरिक पूजा-अर्चना संपन्न की गई। पूजा के माध्यम से अच्छी वर्षा और समाज के कल्याण हेतु प्रार्थना की गई।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसमें कुश कल्याण बोर्ड के सदस्य (राज्यमंत्री दर्जा) नरेश कुशवाह, भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री राजू बाथम, भांडेर के पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया, पार्षद भगवान सिंह कुशवाह, पूर्व पार्षद केशव मांझी, पार्षद चांदनी जंग बहादुर मांझी, मुंबई से प्रसिद्ध फोटोग्राफर चंद्रप्रकाश मांझी, समाजसेवी अविनाश रैकवार (झांसी), पूर्व मंडी अध्यक्ष हरपाल मांझी, कांग्रेस नेता नितेश मांझी, भाजपा नेता हरिओम झा, राकेश कुमार मांझी, महंत प्रीतम दास, महंत कनीराम महाराज, राजू राणा, और हेमलता बाथम जैसे अतिथिगण विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मंदिर अध्यक्ष नवल मांझी, मनीष मांझी, दीपक बाथम, मनोज बाथम एवं दीपक मांझी ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। चारों पालकियों के साथ पधारे म्हेते मुखिया जनों का भी विशेष सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन मनीष मांझी द्वारा किया गया। आयोजन में सेवक व कार्यकर्ता के रूप में समाज के अनेक युवा एवं वरिष्ठजन सक्रिय रूप से उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सतीश मांझी, कमल बाथम, जगदीश बाथम, सुरेश बाथम, महेंद्र मांझी, अंकित बाथम, करण मांझी, दौलत बाथम, सुमित कश्यप, बॉबी बाथम, प्रेम बाथम, रज्जन बाथम, कोमल बाथम, रोहित बाथम, सोनू मांझी, मोनू बाथम, प्रमोद बाथम, विष्णु बाथम, राजू बाथम आदि का विशेष योगदान रहा।

इस आयोजन ने समाज को एकजुटता, सांस्कृतिक परंपरा एवं अध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश दिया, साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया गया।

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