कश्यप सन्देश

18 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

संसद के बाहर विपक्ष का विरोध: सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

आज संसद के बाहर विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) ने सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन एजेंसियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपने विरोधियों को डराने और चुप कराने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

इसके अलावा, विपक्षी दलों ने जेल में बंद आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्रियों की रिहाई की भी मांग की। उन्होंने दावा किया कि इन मंत्रियों को झूठे आरोपों में फंसाया गया है और उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे इन मुद्दों पर संसद के अंदर और बाहर संघर्ष जारी रखेंगे।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हैं और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह अपने रवैये में बदलाव लाए और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बंद करे।

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विपक्षी कार्यकर्ता और समर्थक भी शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की। विपक्ष का यह कदम आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है।,

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