कश्यप सन्देश

1 May 2026

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सपा-कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल संसद में गिराकर बना कलंक : योगी

महिला आरक्षण 2023 बिल लागू करने पर अड़े, भाजपा झूठ भ्रम का पिटारा :अखिलेश

लखनऊ, विशेष संवाददाता।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर “कलंक” का काम किया है। उन्होंने सदन में प्रस्ताव रखते हुए विपक्ष की कड़ी निंदा की, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल राजनीति की। उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप भी लगाया।

30अप्रैल को सपा ने 33%महिला आरक्षण लागू हो प्रदशन करती महिलाएं

सपा 2023महिला आरक्षण बिल लागू करने पर अड़े :अखिलेश

वहीं, सत्ता और विपक्ष में महिला आरक्षण बिल्कुल लेकर दोनों दलों मेंतिखी नोंकझों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर अलग रुख अपनाते नजर आए। उन्होंने वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को आगामी चुनावों में लागू करने की मांग को लेकर जोरदार आवाज उठाई। उन्होंने सत्ता पक्ष पर आरोप लगया की 2023 बिल लागू होने से पछिड़ा, वंचित, अल्पसंख्यक,दलित महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा। योगी सरकार बिलकुल नहीं चाहती की इन दबे कुचले गरीब महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले। और आगे अखिलेश ने बड़ा आरोप लगाया कि भाजपा इसीलिए झूठ और भ्रम भेला रही है जिसे लोग गुमराह होकर उनके झांसे में आजायेंगे परन्तु ऐसा होगा नहीं अब जनता जान चुकी है भारतीय जनता पार्टी की गिद्ध वाली नियत को।सपा विधायकों ने सदन में तख्तियां लहराते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की।

इधर, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी वर्गों—दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक—की महिलाओं को इसका समान लाभ मिले।
निष्कर्ष:
महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। जहां सत्ता पक्ष इसे अपनी उपलब्धि बताकर विपक्ष पर हमला कर रहा है, वहीं विपक्ष इसे लागू कराने के लिए सरकार पर दबाव बना रहा है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

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