
लखनऊ, विशेष संवाददाता।
समाजवादी पार्टी के विधायक दल की अहम बैठक बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अति निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
🟣 महिला आरक्षण पर सपा का बड़ा आरोप
निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर “ढोंग” कर रही है। पार्टी का आरोप है कि महिला आरक्षण बिल 2023 को लागू करने की मंशा नहीं है, बल्कि इसके बहाने चुनावी लाभ के लिए परिसीमन (delimitation) का खेल खेला जा रहा है।
सपा ने मांग की कि इस कानून को 2027 के चुनाव में लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक भागीदारी मिल सके।
🟣 “भाजपा महिला विरोधी” — अखिलेश यादव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने सीधे हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण लागू नहीं करना चाहती और विपक्ष के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
🟣 विधानसभा में भी गूंजा मुद्दा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने भी निंदा प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं में भी भेदभाव हो रहा है—
सत्तारूढ़ दल के विधायकों को 5 करोड़ रुपये
विपक्षी विधायकों को केवल 1 करोड़ रुपये
इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया।
— कानून-व्यवस्था और गाजीपुर मामला
सपा प्रमुख ने गाजीपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और प्रशासन सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और दबंगों के दबाव में सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
💬 सियासी संदेश:
सपा ने महिला आरक्षण, कानून-व्यवस्था और संसाधनों के बंटवारे को मुद्दा बनाकर भाजपा पर एक साथ कई मोर्चों से हमला बोला है। 2027 के चुनाव से पहले यह बयानबाजी राजनीतिक माहौल को और गर्माने वाली है।


