
कानपुर। मेरठ के सरधना क्षेत्र में अमानवीय घटना में जिंदा जलाकर मारे गए सोनू कश्यप उर्फ रोहित की हत्या से आक्रोशित कश्यप-निषाद समाज के लोगों ने कश्यप निषाद आदिवासी कल्याण समिति के तत्वावधान में कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यह कैंडल मार्च अधिवक्ता राजू कश्यप के नेतृत्व में मोतीझील स्थित कारगिल पार्क से प्रारंभ हुआ।
भारी संख्या में जुटे समाज के लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर सोनू कश्यप उर्फ रोहित के बैनर के साथ शांतिपूर्ण मार्च निकाला। कैंडल मार्च कारगिल पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर समाप्त हुआ, जहां सभी ने सामूहिक रूप से मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर अधिवक्ता राजू कश्यप, गिरजा शंकर कश्यप एवं राजेश गौड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार से मांग की कि सोनू कश्यप उर्फ रोहित हत्या कांड की सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया जाए।
अधिवक्ता राजू कश्यप ने बताया कि मेरठ जनपद के थाना सरधना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ज्वालागढ़ में सोनू कश्यप उर्फ रोहित को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर उसके शव को जला दिया गया। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और अब तक प्रशासन की पकड़ से बाहर हैं।
सुरेश कश्यप ने कहा कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और एक सदस्य को अविलंब सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। मुकेश कश्यप ने मुख्यमंत्री से पुनः आग्रह किया कि इस हत्या कांड की सीबीआई जांच कराई जाए, जिससे समाज में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो सके। सुशील कश्यप एडवोकेट ने कहा कि अपराधियों को गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई अपराध करने का साहस न कर सके।
कैंडल मार्च में राजू कश्यप एडवोकेट, राजेश गौड़ कश्यप, सुरेश कश्यप, सुशील कश्यप एडवोकेट, गिरजा शंकर कश्यप, कमल जाटव, नरेंद्र कुमार, मुन्नालाल कश्यप, सतीश वर्मा, धीरज कश्यप, दीपचंद, मुकेश कश्यप, रामबाबू कश्यप सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता व समाज के लोग उपस्थित रहे।


