

गोरखपुर।
जनपद मेरठ में मछुआ समाज के युवक स्वर्गीय सोनू कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या को लेकर निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में गोरखपुर में निषाद पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।
यह ज्ञापन निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग) डॉ. संजय कुमार निषाद के निर्देश पर प्रस्तुत किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मेरठ प्रशासन द्वारा इस गंभीर प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे समाज में गहरा रोष है।
निषाद पार्टी का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर ही मेरठ के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, जब राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ जा रहे थे, तो उन्हें जनपद गाजियाबाद की सीमा पर रोक दिया गया, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं दूसरी ओर अन्य राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों—मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक एवं सरधना विधायक अतुल प्रधान—को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी गई। इसे पार्टी ने प्रशासन की पक्षपातपूर्ण मंशा और सरकार की छवि को धूमिल करने वाला कदम बताया।
निषाद पार्टी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
मेरठ प्रकरण में संलिप्त, उदासीन एवं पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
हत्या प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।पीड़ित परिवार को—
₹1 करोड़ का मुआवजा,
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी,
ग्राम समाज की पट्टेधारक भूमि पीड़ित परिवार के नाम दर्ज की जाए।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को शीघ्र दंड दिलाया जाए।
निषाद पार्टी ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार के सम्मान, न्याय और सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं है। पार्टी समाज और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह पीड़ित परिजनों के साथ खड़ी है।
कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर उपरोक्त मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की अपील की है।


