कश्यप सन्देश

18 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

निषाद जागरूकता महासम्मेलन 14 जून को पटना में आयोजित होगा

ए.के. चौधरी, प्रमुख, कश्यप सन्देश, बिहार

पटना, 28 मई 2025 – बिहार निषाद संघ द्वारा 14 जून 2025 को एक दिवसीय राज्य स्तरीय निषाद जागरूकता महासम्मेलन का आयोजन पटना स्थित रविन्द्र भवन, बिरचंद पटेल पथ में किया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरेन्द्र प्रसाद निषाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि मल्लाहों के पारंपरिक रोजगार पर लगातार संकट गहराता जा रहा है। फरक्का बराज में फिश लैडर के अभाव, नदियों में मिलों का प्रदूषित जल, और नाव-घाट संचालन की समाप्ति जैसी समस्याएं समुदाय के समक्ष गम्भीर चुनौती हैं। साथ ही, मछुआ आवास निर्माण का ठप होना और जलाशयों में मत्स्य पालन का ठेका गैर-मछुआ लोगों को दिए जाने से निषाद समुदाय का जीवन यापन प्रभावित हो रहा है।

संघ ने सरकार से नौ सूत्रीय मांग की है, जिसमें न्यायालय आदेशानुसार परंपरागत मछुआ जातियों की सूची प्रकाशित करने, मछुआ आवास निर्माण, नाव-जाल निःशुल्क वितरण, फिश मार्केट की स्थापना, जलाशयों का संचालन परंपरागत मछुआ सहयोग समितियों से कराने, तथा बिहार राज्य मछुआ आयोग के पुनर्गठन जैसे मुद्दे शामिल हैं।

कार्यकारी महासचिव धीरेन्द्र निषाद व प्रदेश उपाध्यक्ष लाल बहादुर विंद ने एनडीए और महागठबंधन से निषाद समाज की जनसंख्या के अनुपात में टिकट देने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो निषाद संघ अपने उम्मीदवार सभी निषाद बहुल सीटों से उतारेगा। सभी वक्ताओं ने निषाद समाज की शिक्षा, राजनीति और प्रशासन में प्रभावी भागीदारी पर बल दिया।

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