कश्यप सन्देश

10 February 2026

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मेरठ में रानू कश्यप की निर्मम हत्या, अधजला शव पुलिस ने किया बरामद -मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पिछड़ा वर्ग कानपुर नगर अध्यक्ष राजेश कश्यप ने आरोपियों के प्रति सख्त कार्यवाही की मांग की

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत आक्खेपुर–रार्धना रोड पर किसान पब्लिक स्कूल के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर उसके शव को जलाने का प्रयास किया गया। मृतक की पहचान रानू पुत्र सुरेंद्र, निवासी मोहल्ला भंगी, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी टेंपो चालक को गिरफ्तार कर लिया है।


सोमवार रात स्कूल के चौकीदार ने परिसर के पास आग जलती देखी। पास जाकर देखने पर उसे मानव हाथ की उंगलियां दिखाई दीं। उसने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जलती आग से शव को बाहर निकालकर मोर्चरी भिजवाया। कुछ ही देर में एसपी देहात और सीओ भी घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।
परिजनों के अनुसार, रानू ने सोमवार शाम करीब 7 बजे घर फोन कर बताया था कि उसका झगड़ा हो गया है और वह राणा चौक पर है। परिजन वहां पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला। कुछ समय बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रानू और एक टेंपो चालक ने साथ में शराब पी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोपी ने रानू के सिर पर ईंट से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी गांव गया, पेट्रोल लाया और शव को जलाने का प्रयास किया।
रानू हाल ही में मुंबई से लौटा था, जहां वह हलवाई का काम करता था। उसके परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। मां एक वर्ष से बीमार हैं और पिता का एक वर्ष पहले निधन हो चुका है।
फिलहाल पुलिस जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही है और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है।
पिछड़ा वर्ग के कानपुर नगर अध्यक्ष राजेश कश्यप ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा—
“मेरठ फिर शर्मसार हुआ है। इंसानियत कब जागेगी?”
मेरठ में अभी एक बहन के अपहरण और उसकी मां की नृशंस हत्या का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि सरधना से एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आ गई। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पूरे समाज को झकझोर रही हैं। सवाल यह है
अपराधियों में कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है?
आम नागरिक की जान इतनी सस्ती कैसे हो गई?
कब तक परिवार ऐसे उजड़ते रहेंगे?
यह समय राजनीति या खामोशी का नहीं, न्याय और जवाबदेही का है।
प्रशासन से मांग है कि दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिले और समाज में कानून का भरोसा कायम रहे।
न्याय की आवाज़ बने।

जंगल में जाँच हेतु सर्च ऑपरेशन चलती पुलिस
घर पर ग्रामीण पहुंचे

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