कश्यप सन्देश

20 May 2026

ट्रेंडिंग

देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

कृपया इस नंबर पर अपनी राय जरूर भजे  (हाँ) या (नहीं) लिखकर
6387840496
आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

झांसी में ऊषा रायकवार हत्याकांड का खुलासा, आरोपी रफीक खां गिरफ्तार

झांसी,में आरोपी रफीक खां पुलिस की गिरफ्त में।

झाँसी ब्यूरो सुभाष रायकवार कश्यप सन्देश।
मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के बरौरी गांव में हुई महिला हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार सुबह 9 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रफीक खान के रूप में हुई है। वह बरौरी गांव का रहने वाला है।

पुलिस ने आरोपी को स्यावरी कोटरा नहर के पास से पकड़ा। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया लाल रंग का कपड़ा भी बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपी ने महिला की गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार की।

मृतका उषा रायकवार (45)

बरौरी गांव में हुई ऊषा रायकवार (45) की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या का आरोप गांव के ही रफीक खां पर साबित हुआ है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

ताबीज से खुला राज
पुलिस जांच में पता चला कि हत्या के दौरान छीना-झपटी में रफीक की गर्दन से पहनी हुई ताबीज मौके पर गिर गई थी। पुलिस ने जब इसे बरामद कर ग्रामीणों को दिखाया तो उन्होंने ताबीज को रफीक का बताया। इसी सुराग से पुलिस आरोपी तक पहुंची।

नाखून के निशान और कपड़ों पर महावर से बढ़ा शक
आरोपी को पुलिस ने जब पकड़ा तो उसके चेहरे और गले पर नाखून के गहरे निशान थे। साथ ही मृतका ऊषा के पैरों में लगी महावर उसके कपड़ों पर पाई गई। इससे पुलिस को शक और गहरा हो गया।पत्नी छोड़कर चली गई थी, ऊषा को जिम्मेदार मानता था
एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार के मुताबिक रफीक ने पूछताछ में जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि 8 माह पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई थी। वह इसका जिम्मेदार ऊषा को मानता था। उसका आरोप था कि ऊषा पत्नी और मां को उसके खिलाफ भड़काती थी। कुछ दिन पहले घर में बंटवारा भी इसी वजह से हुआ था। इसी नाराजगी में उसने हत्या की साजिश रची।

झाँसी एसपी ग्रामीण डॉ अरविन्द कुमार

गला दबाकर की हत्या
30 अगस्त की रात करीब 1:30 बजे रफीक बाउंड्री फांदकर ऊषा के घर घुसा। सोते समय उसने गमछे से गला दबाया। छीना-झपटी में ऊषा ने आरोपी को पहचान लिया और विरोध किया। पकड़े जाने के डर से रफीक ने उसका गला तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

सुबह खुला हत्याकांड
सुबह जब राजमिस्त्री उसे काम पर बुलाने घर आया तो गेट बंद मिला। भतीजे दिनेश

ने बाउंड्री फांदकर अंदर झांका तो ऊषा का शव चारपाई के नीचे अर्धनग्न अवस्था में दिखाई पड़ा। दिनेश की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस की कार्रवाई
तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। सबूतों के आधार पर आरोपी रफीक खां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर संबंधित धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top