कश्यप सन्देश

18 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

चार भारतीय मछुआरे श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार

आज श्रीलंकाई नौसेना ने चार भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया। ये मछुआरे, जो पुदुकोट्टई के रहने वाले हैं, नेडुंथीवु के पास मछली पकड़ रहे थे जब उन्हें श्रीलंकाई जल सीमा में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ा गया। बाद में उन्हें आगे की पूछताछ के लिए कंकेसनथुराई बंदरगाह ले जाया गया।

गिरफ्तार मछुआरों पर आरोप है कि वे श्रीलंकाई जल क्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ रहे थे, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। इस घटना ने एक बार फिर से समुद्री सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव को उजागर किया है।

श्रीलंकाई नौसेना का कहना है कि उन्होंने मछुआरों को चेतावनी देने के बाद भी जब उन्होंने सीमा का उल्लंघन किया, तब जाकर उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा। मछुआरों की नावों और उपकरणों को भी जब्त कर लिया गया है।

इस बीच, भारतीय मछुआरों के परिवार और स्थानीय समुदाय में नाराजगी और चिंता का माहौल है। उन्होंने भारतीय सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है और मछुआरों की रिहाई के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस मामले को श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ उठाएंगे और मछुआरों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेंगे।

दोनों देशों के बीच मछुआरों की गिरफ्तारी को लेकर पहले भी कई बार बातचीत और समझौते हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद सीमा उल्लंघन की घटनाएं रुक नहीं पाई हैं। यह घटना न केवल मछुआरों और उनके परिवारों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों पर भी असर डाल रही है।

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