कश्यप सन्देश

20 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर में लोगों को किया जागरूक : डॉ. पंकजा पाण्डेय

डॉ पंकजा पाण्डेय सीनियर मेडिकल ऑफिसर  KPM हॉस्पिटल कानपुर

हैल्थ कैम्प लगाने पर जोर

कानपुर।
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा के सयोजन में आज k.P.M. हॉस्पिटल, कानपुर में होम्योपैथिक चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. पंकजा पाण्डेय के मार्गदर्शन में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुँचे लोगों ने होम्योपैथिक परामर्श एवं उपचार का लाभ उठाया।

डॉ. पाण्डेय ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होम्योपैथिक पद्धति जटिल से जटिल रोगों को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती है, बशर्ते मरीज समय पर इसका उपचार कराएं। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक दवाएँ न केवल सुरक्षित हैं बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती हैं।

शिविर में आए मरीजों ने नि:शुल्क परामर्श व उपचार के लिए हॉस्पिटल प्रशासन का आभार जताया।

  1. होम्योपैथी की बढ़ती लोकप्रियता

हाल के वर्षों में होम्योपैथिक उपचार की ओर आम नागरिकों का रुझान बढ़ा है। इसका प्रमुख कारण है—दवाओं का न्यूनतम दुष्प्रभाव, रोग की जड़ पर असर तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार।

  1. ग्रामीण एवं शहरी गरीब तबके के लिए राहत
    निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वरदान सिद्ध होते हैं। दवाओं व जांच का खर्च कई परिवारों को उपचार से दूर कर देता है, ऐसे में निशुल्क शिविर स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाते हैं।
  2. समय पर जांच व उपचार की आवश्यकता

डॉ. पंकजा पाण्डेय के वक्तव्य का मुख्य संदेश यही है कि चाहे रोग किसी भी प्रणाली (एलोपैथी/होम्योपैथी) से क्यों न हो—समय पर इलाज ही बेहतर परिणाम देता है। देर होने पर रोग जटिल हो जाता है और उपचार की अवधि भी बढ़ जाती है।

  1. जनजागरूकता ही स्वास्थ्य सुधार का आधार
    शिविरों के माध्यम से लोगों में स्वास्थ्य-साक्षरता बढ़ती है। सही जानकारी मिलने से लोग घरेलू नुस्ख़ों या गलत दवाओं से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं।

आगे कड़ी में वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर के.पी.एम. हॉस्पिटल डॉ.पंकजा पांडेय ने होम्योपैथी को एक कारगर थेरेपी बताते हुए ज्यादा से ज्यादा हेल्थ कैंप लगाने पर भी जोर दिया जिससे आमजनमानस को अत्यधिक लाभ प्राप्त हो सके।

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