कश्यप सन्देश

21 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

बेंगलुरू में ग्रेनाइट और संगमरमर खनन पर कार्यशाला का आयोजन

खान मंत्रालय ने कर्नाटक के बेंगलुरू में ग्रेनाइट और संगमरमर खनन पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार के खान मंत्रालय के सचिव श्री वी एल कांता राव ने किया। कर्नाटक सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव और विकास आयुक्त डॉ. शालिनी रजनीश ने मुख्य भाषण दिया। इस कार्यशाला में खान मंत्रालय की संयुक्त सचिव डॉ. वीणा कुमारी डी, कर्नाटक सरकार के खान और भूविज्ञान सचिव श्री रिचर्ड विंसेंट, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण- बेंगलुरू के वरिष्ठ अधिकारी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के राज्य खनन और भूविज्ञान निदेशक, पीएसयू, निजी खनन उद्योग के प्रतिनिधि, खनन संघ और अन्य हितधारक उपस्थित थे।

अपने संबोधन में श्री वी.एल. कांता राव ने खनन क्षेत्र में भारत सरकार की विभिन्न पहलों और सुधारों को रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकारों से लघु खनिज क्षेत्र में सुधार करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने एनजीडीआर (राष्ट्रीय भू-डेटा रिपॉजिटरी) पोर्टल के माध्यम से व्यापक डेटा और सूचना उपलब्ध कराई है

डॉ. शालिनी रजनीश ने अपने भाषण में खनन क्षेत्र में प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य मुद्दों के समाधान के लिए सरकार और उद्योग के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने टिकाऊ खनन और नवोन्मेषी योगदान पर जोर दिया।

वाणिज्य मंत्रालय के डीपीआईआईटी के अधीन राष्ट्रीय सीमेंट और भवन निर्माण सामग्री परिषद के संयुक्त निदेशक डॉ. बी पांडुरंगा राव ने ग्रेनाइट और संगमरमर उद्योग की भूमिका पर प्रस्तुति दी, जबकि आईबीएम के मुख्य खान नियंत्रक श्री पीयूष नारायण शर्मा ने टिकाऊ विकास ढांचे और खानों की स्टार रेटिंग पर अपनी प्रस्तुति दी।

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