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11 January 2026

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नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिशरमेन के पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष बने डॉ. गजेंद्र किशन भांजी

मुंबई, वर्सोवा। नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिशरमेन (NAF) की 45वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक मुंबई के वर्सोवा स्थित वर्सोवा मच्छीमार सहकारी समिति लिमिटेड के सांस्कृतिक भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में देश के 22 राज्यों से आए कार्यकारिणी सदस्यों ने सहभागिता की।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के चेयरमैन डॉ. गजेंद्र किशन भांजी ने की। इस अवसर पर महासचिव एडवोकेट रामकुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. एम. के. तोमर सहित तटीय एवं अंतर्देशीय राज्यों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी तीन वर्षों के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी का निर्वाचन किया गया, जिसमें डॉ. गजेंद्र किशन भांजी को पुनः चेयरमैन तथा एडवोकेट रामकुमार को पुनः महासचिव चुना गया। इसके साथ ही—
श्री राजहंस विठ्ठल टपके (संपादक, सागरशक्ति पत्रिका) राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने,
श्री विकास मोतीराम कोली को महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया,
कैलाश नाथ निषाद, सरजू प्रसाद केवट एवं आर.आर. नाविक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश नाथ निषाद ने बताया कि बैठक में पारंपरिक मछुआरा समुदाय से जुड़े गंभीर मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।

प्रमुख विषयों में
जनगणना में पारंपरिक मछुआरा जातियों की अलग पहचान,
विशेष सरकारी सुविधाएं एवं कल्याण योजनाएं,
राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नीति-निर्माण में भागीदारी,
सभी राज्यों में राज्य स्तरीय अधिवेशन,
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में पारंपरिक मछुआरों के लिए 60% अनुदान की मांग शामिल रही।
डॉ.भांजी ने कहा कि संगठन निम्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करेगा—
तटीय जल व भूमि पर पारंपरिक मछुआरों के अधिकारों की सुरक्षा,
समुद्री जिलों में स्वायत्त तटीय विकास परिषदों का गठन,
पारंपरिक मत्स्य व्यवसाय को कृषि का दर्जा,
मत्स्य उद्योग में गैर-पारंपरिक पूंजीपतियों की घुसपैठ पर रोक,
वढ़वन बंदरगाह परियोजना का विरोध,
पारंपरिक मछली पकड़ने वाली भूमि को सामुदायिक संपत्ति के रूप में कानूनी मान्यता,
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में उच्चतम अनुदान,
मछुआरों के लिए पृथक वित्तीय विकास निगम की स्थापना,
नदियों, झीलों व जलाशयों पर पारंपरिक मछुआरों को प्राथमिक अधिकार,
मछली निर्यात से प्राप्त विदेशी मुद्रा का कम से कम 20% मछुआरों के विकास पर व्यय।
बैठक में इन विषयों पर जनआंदोलन तेज करने और मछुआरा समाज में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
गुजरात के पूर्व मंत्री श्री करसनभाई पटेल ने बैठक को संबोधित करते हुए मार्गदर्शन दिया। झारखंड अध्यक्ष श्री शरयू केवट, तमिलनाडु अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्री कैलाश निषाद, मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्री आर.आर. नाविक, बिहार अध्यक्ष श्री मुकुल सहानी सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

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