
पटना।
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को बिहार निषाद संघ, पटना कार्यालय में विधिवत रूप से माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष श्री लाल बहादुर प्रसाद बिन्द ने मल्लाह/निषाद समाज एवं उसकी उपजातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किए जाने की मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया।
अध्यक्ष श्री बिन्द ने कहा कि निषाद समाज के पूर्वज मूल रूप से जंगलों, नदियों के किनारे तथा पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करते थे। मछली मारना और नौकायन इस समाज का पारंपरिक एवं मूल पेशा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, जिसके बाद सरकार द्वारा निषाद समाज को आदिवासी मूल का निवासी माना गया है, इसके बावजूद आज भी समाज अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलने से निषाद समाज को शिक्षा, रोजगार एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और समाज मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। इस उद्देश्य को लेकर बिहार निषाद संघ जन-जन तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहा है।
इस मौके पर प्रधान महासचिव श्री धीरेंद्र निषाद, प्रदेश महासचिव श्री अखिलेश कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियम्वदा निषाद, महासचिव एवं सह मीडिया प्रभारी श्री मनोज कुमार चौधरी, महासचिव श्री सुनील कुमार चौधरी, पूर्णिया प्रमंडल प्रभारी श्री शशि कुमार मंडल सहित पुरुषोत्तम प्रियदर्शी, सतीष कुमार और गौरव कुमार उपस्थित रहे।


