कश्यप सन्देश

25 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

विचार दर्शन: महारास: परमात्मा से मिलन की स्थिति: राम सिंह कश्यप ‘राम’ की कलम से

प्रकृति, पुरुष और परमात्मा—ये तीनों जब परस्पर एकाकार होकर महारास (जल) का रूप धारण करते हैं, तब जीवन की सभी विरोधाभासी भावनाएँ, जैसे जड़ता और चेतनता, अमरता और मरता, तरलता और सरलता, सघनता और विरलता, अमलता और विमलता, सब लोप हो जाती हैं। यह वही क्षण होता है जब विविधताएं अपनी शुद्ध बुद्धि खोकर भिन्न से अभिन्न हो जाती हैं।

इस अवस्था को ही महारास कहा जाता है, जहाँ सभी भेदभाव समाप्त हो जाते हैं, और केवल एकता का अनुभव होता है। जब भी किसी व्यक्ति को यह अनुभूति होती है, वह उस क्षण परमात्मा स्वरूप हो जाता है। इसीलिए वेदों में भगवान को “रसों वैसा” कहा गया है, जो इस स्थिति का प्रतिरूप है।

प्रेम ही वह रस्सी है जिससे बंधकर, अथवा प्रेम ही वह महासागर है जिसमें डूबकर कोई भी व्यक्ति, कहीं भी, कभी भी, स्वयं में ही भगवान की अनुभूति कर सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति का अस्तित्व और परमात्मा का अस्तित्व एकाकार हो जाता है, और यही महारास की परम अवस्था है।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जब हम अपनी विभिन्नता को खोकर एकता में विलीन हो जाते हैं, तब हमें अपने भीतर परमात्मा का अनुभव होता है। इस अनुभव के लिए हमें प्रेम की रस्सी से बंधकर उस महासागर में डूबना होता है, जहाँ केवल एकता और पूर्णता का अनुभव होता है। यही सच्चा महारास है, जो हमें परमात्मा से जोड़ता है।

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